जन्म कुंडली में पराक्रम भाव को तृतीय भाव स्थान के रुप में जाना जाता है। जन्म कुंडली का यह तीसरा भाव काल पुरुष का पराक्रम स्थान होता है। तीसरे भाव को साहस, पराक्रम एवं भ्रातृ भाव इत्यादि नामों से पुकारा जाता है। जब हम वृश्चिक लग्न/Vrshchik Lagna के पराक्रम घर की बात करते हैं तो...