पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे अनुष्ठान करने का विधान है। पितृ पक्ष के 15 दिनों में लोग अपने पितरों को याद कर उनके लिए सद्भावना प्रकट करते हैं और उनकी आत्मा की मुक्ति के लिए श्राद्ध, पिंडदान व तर्पण की प्रक्रिया करते हैं। हिन्दू पंचांग/Hindu Panchang के अनुसार, भाद्रपद माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि से ही पितृपक्ष शुरू हो जाते हैं और पितृ पक्ष का समापन आश्विन मास की अमावस्या पर होता है।
More Information : - https://www.vinaybajrangi.com/blog-hindi/shradh-paksha/