कुंडली का तीसरा भाव आपके छोटे भाई-बहन, पराक्रम और साहस को दर्शाता है. इसके अलावा इस भाव से आपकी कम्युनिकेशन एबिलिटी, छोटे भाई-बहनों का सुख व उनकी संख्या, पडोसी व छोटी यात्राओं का विचार किया जाता है. साहस व पराक्रम का भाव होने से इस भाव से आपके बाहुबल का विचार भी किया जाता है. बहादुरी, निडरता, वीरता आदि के लिये भी तीसरा भाव देखा जाता है. कुण्डली में यदि तीसरा भाव निर्बल हो तो आपमें साहस की कमी हो सकती है. यह भाव आपके मानसिक बल को भी दर्शाता है. इस भाव से आपकी रुचि व शौक का विचार भी किया जाता है. यह भाव लेखन, हैंड राइटिंग की जानकारी भी देता है.
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